एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ सरदार पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित रहेगा राष्ट्रीय एकता दिवस

भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस हर वर्ष 31 अक्टूबर को पूरे देश में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। यह दिन भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। सरदार पटेल ने जिस दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प के साथ देश को एक सूत्र में पिरोया, उसी भावना को स्मरण करने के लिए यह दिवस समर्पित है।इस वर्ष का राष्ट्रीय एकता दिवस और भी विशेष है, क्योंकि यह अवसर सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह समारोह अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक और प्रेरणादायक होगा, जो देशवासियों के हृदय में एकता और राष्ट्रभक्ति की नई ऊर्जा का संचार करेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन न केवल देशवासियों को एकता के महत्व की याद दिलाता है, बल्कि यह भी स्मरण कराता है कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में कितनी निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर आधुनिक भारत की नींव रखी। उनके अटूट संकल्प, अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही उन्हें “भारत का लौह पुरुष” और “राष्ट्रीय एकता का शिल्पकार” कहा जाता है।

सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित एकता नगर, सरदार पटेल के इस स्वप्न — विविधता में एकता — का प्रतीक बनकर उभरा है। यह स्थान न केवल भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को जोड़ता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गर्व की भावना को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।  इस वर्ष का राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह अपनी भव्यता और विविधता के लिए विशेष रहेगा। गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में आयोजित होने वाले इस अनूठे आयोजन में एक भव्य परेड और सांस्कृतिक उत्सव देश की एकता और शक्ति का अद्वितीय प्रदर्शन करेंगे।  परेड के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और विभिन्न राज्यों के पुलिस बल अपने कौशल, अनुशासन और वीरता का प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष की परेड में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान शामिल होंगे। इनके साथ ही असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, केरल और आंध्र प्रदेश के पुलिस बल तथा एनसीसी (NCC) के कैडेट्स भी परेड का हिस्सा बनेंगे।इस बार का समारोह कई नई झलकियों से भरपूर होगा — पहली बार परेड में घुड़सवार और ऊंट सवार दस्ते, स्वदेशी नस्ल के श्वान दस्ते, और मार्शल आर्ट व शस्त्रविहीन युद्धाभ्यास का प्रदर्शन होगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सुरक्षा सेनाओं की शौर्य परंपरा और विविध सांस्कृतिक विरासत एक साथ नजर आएंगी।

परेड में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी को भी रेखांकित किया जाएगा। प्रधानमंत्री को दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व एक महिला अधिकारी करेंगी। CISF और CRPF की महिलाकर्मी, भारत की बेटियों की शक्ति और साहस का प्रदर्शन करते हुए मार्शल आर्ट और शस्त्रविहीन युद्धाभ्यास का प्रदर्शन करेंगी।

इस वर्ष की परेड का प्रमुख आकर्षण एक मार्चिंग दस्ता होगा जिसमें BSF के विशेष रूप से भारतीय नस्ल के श्वान, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो और BSF का ऊंट दल और ऊंट सवार बैंड शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, देशी श्वान की नस्लें- रामपुर हाउंड्स और मुधोल हाउंड्स- अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इन नस्लों ने BSF के ऑपरेशन्स के दौरान आत्मनिर्भर भारत की भावना को मूर्त रूप देते हुए Force Multipliers के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हाल ही में अखिल भारतीय पुलिस श्वान प्रतियोगिता में मुधोल हाउंड “रिया” ने पहला स्थान प्राप्त किया जो इस वर्ष की परेड में डॉग स्क्वाड का नेतृत्व करेगी।

राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के कैडेट और स्कूल बैंड अपने आकर्षक प्रदर्शन से समारोह की भव्यता को बढ़ाएंगे। युवा NCC कैडेट्स अपने अनुशासन और उत्साह से “एकता में शक्ति” का संदेश देंगे। भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण वायुयानों की टीम द्वारा एक शानदार एयर शो परेड की शान को और बढ़ाएगा।

विविधता में एकता के संदेश पर बल देने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियां भी परेड का हिस्सा होंगी। इस वर्ष की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में “विविधता में एकता” थीम को दर्शाने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG), NDRF, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, अंडमान – निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की 10 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।

इस वर्ष की परेड को और अधिक भव्य बनाने के लिए BSF, CRPF, CISF, SSB, दिल्ली पुलिस, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और जम्मू और कश्मीर के ब्रास बैंड भी भाग लेंगे। इस वर्ष परेड में CRPF के पांच शौर्य चक्र विजेता और BSF के 16 वीरता पदक विजेता शामिल होंगे। इन बहादुरों ने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। BSF के जवानों ने पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेजोड़ बहादुरी और साहस का प्रदर्शन किया।

परेड के साथ-साथ, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में 900 कलाकार भारतीय शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन करेंगे, जो हमारी संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की समृद्ध विविधता को रेखांकित करेगा।

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और देशभक्ति की भावना को बल देना और नागरिकों को इन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। सभी नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेने और इस भव्य तथा महाउत्सव का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

1 से 15 नवंबर, 2025 तक, एकता नगर भारत पर्व का आयोजन करेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक प्रदर्शन और एक खान-पान महोत्सव शामिल होगा। इस महोत्सव का समापन 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े विशेष कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें हमारे जनजातीय समुदायों की गौरवशाली संस्कृति पर प्रकाश डाला जाएगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *